वीडियो संदेश जारी कर प्रधानमंत्री ने दिया भरोसा— फास्ट ट्रैक कोर्ट, कड़ी सजा और दोषियों पर शिकंजा कसने की तैयारी। विपक्ष ने भी साधा निशाना।
नई दिल्ली।
देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात छात्रों के नाम वीडियो संदेश जारी कर बड़ा ऐलान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक किसी एक परीक्षा का नहीं, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा गंभीर अपराध है। सरकार ऐसे मामलों में दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए नया और सख्त कानून लाने की तैयारी में है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस संबंध में तैयार मसौदे पर केंद्रीय कैबिनेट में चर्चा होगी और मंजूरी मिलने के बाद इसे अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा। सरकार का प्रयास रहेगा कि कानून जल्द से जल्द पारित हो, ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
करीब ढाई मिनट के वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार करा चुकी है और यह सुनिश्चित किया गया कि लाखों छात्रों का शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन्हें शीघ्र और कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
प्रधानमंत्री ने बताया कि पेपर लीक से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए जा चुके हैं, ताकि ऐसे मामलों में वर्षों तक मुकदमे लंबित न रहें।
संभावित नए कानून के प्रमुख प्रावधान
पेपर लीक के दोषियों के लिए 5 से 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान।
गंभीर मामलों में आसानी से जमानत नहीं मिलने की व्यवस्था।
कोचिंग संस्थान या शिक्षक की संलिप्तता पाए जाने पर संस्थान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई।
परीक्षा प्रणाली से जुड़े दोषियों को भविष्य में स्थायी रूप से प्रतिबंधित करने का प्रावधान।
मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर शीघ्र फैसला सुनिश्चित करने की तैयारी।
विपक्ष ने उठाए सवाल
प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल बयान देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। अन्य विपक्षी दलों ने भी सरकार से परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की मांग दोहराई।
फिलहाल पेपर लीक से जुड़े मामलों की जांच केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं और विभिन्न राज्यों में कार्रवाई जारी है। सरकार का कहना है कि नए कानूनी प्रावधान लागू होने के बाद ऐसे अपराधों पर पहले से अधिक सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा।




