दिल्ली। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे विपक्षी सांसदों को पुलिस ने अस्पताल के बाहर ही रोक दिया। इसके बाद आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह समेत कई विपक्षी नेता मेदांता अस्पताल के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए।
गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे विपक्षी सांसदों को पुलिस ने अस्पताल के बाहर ही रोक दिया। इसके बाद आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह समेत कई विपक्षी नेता मेदांता अस्पताल के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।
विपक्षी दलों का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा था मुलाकात के लिए
सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में आम आदमी पार्टी (AAP), राष्ट्रीय जनता दल (RJD), समाजवादी पार्टी (SP) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कई नेता शामिल थे। हालांकि पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें अस्पताल के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी।
संजय सिंह बोले- मरीज से मिलने पर रोक पहली बार देख रहे हैं
धरने पर बैठे आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि यह पहली बार है जब किसी अस्पताल में भर्ती मरीज से मिलने आने वालों को रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसद केवल सोनम वांगचुक का हालचाल जानने और उनसे मुलाकात करने पहुंचे थे।
संजय सिंह ने बताया कि 55 सांसदों ने एक पत्र पर हस्ताक्षर कर सोनम वांगचुक से उनके स्वास्थ्य को देखते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सांसदों को मिलने से रोका जाएगा, तो क्या सरकार चाहती है कि उनकी हालत और गंभीर हो जाए।
25 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं सोनम वांगचुक
सोनम वांगचुक पिछले 25 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद पहले उन्हें दिल्ली के जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था। बाद में अदालत के आदेश पर मंगलवार को उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। वांगचुक ने कहा है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर भरोसा दिलाती है, तो वे अपना अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हैं।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे अभिजीत दीपके ने उनसे स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश को उनकी जरूरत है और शांतिपूर्ण आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर पश्चिम बंगाल से CRPF की 20 अतिरिक्त कंपनियों को दिल्ली में तैनात किया गया है। इसके तहत करीब 2,000 जवानों को कोलकाता से एयरलिफ्ट कर राष्ट्रीय राजधानी लाया गया।
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।




