रतलाम/ताल। ग्राम पंचायत लसूड़ियाखेड़ी के ग्राम खेड़ी ताल स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक बन गया है। विद्यालय की सुरक्षा के लिए वर्ष 2024 में स्वीकृत तार फेंसिंग का सामान पिछले दो वर्षों से स्कूल परिसर में खुले में पड़ा-पड़ा जंग खा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और पंचायत प्रशासन अब तक आंखें मूंदे बैठे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल की सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त तो करा लिया गया, लेकिन उसकी सुरक्षा के लिए आज तक फेंसिंग नहीं कराई गई। नतीजा यह है कि सरकारी धन से खरीदी गई सामग्री धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील हो रही है। सवाल यह है कि आखिर इस नुकसान का जिम्मेदार कौन है?
स्थिति और भी गंभीर इसलिए है क्योंकि विद्यालय परिसर का पुराना भवन वर्ष 2016 से बंद पड़ा है और अब खंडहर में बदलने लगा है। जर्जर दीवारें और टूटती छतें सरकारी संपत्ति की बदहाली की कहानी बयां कर रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत और मांग के बावजूद न तो फेंसिंग का काम शुरू हुआ और न ही भवन की मरम्मत के लिए कोई कार्रवाई की गई।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही फेंसिंग कार्य शुरू नहीं किया गया और भवन की मरम्मत नहीं हुई तो वे जिला प्रशासन के खिलाफ आंदोलन छेड़ने और उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज कराने को मजबूर होंगे।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब सामग्री उपलब्ध है और स्वीकृति भी मिल चुकी है, तो आखिर काम शुरू क्यों नहीं हुआ? क्या सरकारी धन को जंग लगने के लिए छोड़ दिया गया है या फिर जिम्मेदारों की लापरवाही पर पर्दा डाला जा रहा है?






