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आंगनबाड़ी केंद्र खुला, पर उठे नए सवाल — धार्मिक स्थल पर बना शौचालय!

चौरई वार्ड नं. 1 में TV20 भारतवर्ष की रिपोर्ट के बाद प्रशासन हरकत में आया, लेकिन आस्था और जनधन के अपमान पर जवाब अब भी अधूरा!

चौरई (संवाददाता):
चौराई नगर के वार्ड क्रमांक 1 में वर्षों से बंद पड़े आंगनबाड़ी केंद्र को आखिरकार शुरू कर दिया गया है। यह कार्यवाही TV20 भारतवर्ष की प्रभावशाली ग्राउंड रिपोर्ट के बाद संभव हो सकी, जिसमें मंदिर हटाने, कला मंच से जोड़कर आंगनबाड़ी बनाने और फिर ताले में बंद रखने जैसे मुद्दों को उजागर किया गया था।

हालांकि केंद्र की शुरुआत ने एक ओर जहां जनता को राहत दी है, वहीं अब एक नया विवाद सामने आ गया है — धार्मिक स्थल के अपमान का।


त्रिशूल स्थल पर बना शौचालय, भड़की जनता

स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिस स्थान पर पहले मां गायत्री मंदिर का त्रिशूल स्थापित था, उसी स्थान पर अब शौचालय का निर्माण कर दिया गया है।
यह न केवल धार्मिक भावनाओं का अपमान है, बल्कि विकास कार्यों में संवेदनशीलता की कमी को भी दर्शाता है।


जनता ने प्रशासन से पूछे तीखे सवाल:

जब आंगनबाड़ी को वर्षों तक शुरू नहीं करना था, तो मंदिर क्यों हटाया गया?

त्रिशूल जैसे पवित्र प्रतीक की जगह शौचालय बनाना क्या आस्था का अपमान नहीं है?

आंगनबाड़ी और कला मंच पर दो बार सरकारी धन खर्च हुआ, फिर भी वर्षों तक उपयोग क्यों नहीं हुआ?


स्थानीय निवासी बोले — “आस्था और विकास का यह अपमान नहीं सहेंगे”

निवासियों का स्पष्ट कहना है कि शासन की योजनाएं सिर्फ कागज़ों और शिलापट्टों तक सीमित हैं, जबकि जमीन पर बनी इमारतों में ताले लटके रहते हैं या फिर आस्था से टकराव पैदा करती हैं।


जनता की तीन प्रमुख मांगें:

  1. त्रिशूल स्थल से शौचालय को तुरंत हटाया जाए
  2. धार्मिक स्थल को पूर्व रूप में पुनर्स्थापित किया जाए
  3. निर्माण कार्यों का ऑडिट कर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए

TV20 भारतवर्ष की भूमिका

इस पूरे मामले में TV20 भारतवर्ष की पत्रकारिता ने एक बार फिर साबित किया है कि ग्राउंड रिपोर्टिंग से बदलाव संभव है, लेकिन सिर्फ काम शुरू कर देना काफी नहीं, जब तक आस्था, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित न हो।

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