चौरई। ग्राम केरिया निवासी सरिता की मौत के बाद चौरई क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल देखने को मिला। उपचार के दौरान नागपुर के निरामया अस्पताल में सरिता ने 20-21 जुलाई की दरमियानी रात दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर चौरई थाना पहुंचे, जहां उनके साथ गांव और आसपास के क्षेत्रों के करीब 100 से 200 ग्रामीण भी मौजूद रहे। सभी ने ससुराल पक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मृतका के परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही सरिता को ससुराल में लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। उनका कहना है कि आए दिन छोटी-छोटी बातों पर उसे परेशान किया जाता था, जिससे वह काफी तनाव में रहने लगी थी। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उसने कथित रूप से जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया।

परिजनों के अनुसार, सरिता की तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल उपचार के लिए नागपुर के निरामया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया।

मृतका के परिजनों ने सास विजनवती, ससुर रामकृष्ण, जेठ वीरपाल, जेठानी पूनम और देवर गजानन पति बीरबल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि परिवार के सभी सदस्य मिलकर सरिता को प्रताड़ित करते थे। परिजनों ने मांग की है कि सभी आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि मृतका को न्याय मिल सके।

शव लेकर थाने पहुंचे परिजनों के समर्थन में बड़ी संख्या में ग्रामीण भी एकत्र हो गए। लोगों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन से जल्द कार्रवाई करने की अपील की। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने परिजनों से चर्चा की और मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।
चौरई पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




