चौरई।
चौरई क्षेत्र के बाम्हनवाड़ा ग्राम में स्वास्थ्य सेवाएँ दे रहे ANM और CHO के साथ अभूतपूर्व अभद्रता और मारपीट की वारदात सामने आई है।
सरकारी ड्यूटी पर तैनात इन कर्मचारियों की गलती सिर्फ इतनी थी कि आरोपी द्वारा मांगी गई “महिना रोकने/महिना बढ़ जाने वाली दवा” को उन्होंने बिना चिकित्सकीय जाँच के देने से मना कर दिया।
दवा न देने की बात सुनते ही आरोपी बेकाबू हो गया, और स्वास्थ्यकर्मियों पर
गाली-गलौज,
धक्का-मुक्की,
और मारपीट
जैसी हरकतें करने लगा।
घटना के बाद स्वास्थ्य अमला डर और गुस्से में है।

स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया — “हम पर जान का खतरा!”
ANM और CHO ने कहा कि बाम्हनवाड़ा में कई बार असुरक्षित माहौल बन चुका है।
“दवा के नियम समझाना हमारी ड्यूटी है, लेकिन कुछ लोग जबरन दवा लेने और धमकी देने तक उतर आते हैं।”
SDM कार्यालय में फूटा गुस्सा — कड़ी कार्रवाई की मांग
घटना के बाद पूरे स्वास्थ्य अमले ने चौरई SDM कार्यालय पहुँचकर एक कड़ा ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांगा गया है—
✔ आरोपी पर मारपीट, अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा पर सख्त कार्रवाई
✔ स्वास्थ्यकर्मियों को तत्काल सुरक्षा
प्रशासन पर बड़े सवाल उठे
➡️ क्या सरकारी कर्मचारी अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुरक्षित नहीं?
➡️ क्या दवा न देने पर हमला करना सामान्य होता जा रहा है?
➡️ क्या दोषियों पर मिसाल बनाने वाली कार्रवाई होगी?
घटना ने पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था को झकझोर दिया
जिस स्वास्थ्यकर्मी का काम गर्भवती महिलाओं, मरीजों और बच्चों की सेवा करना है, वही आज खुद हमले का शिकार बन रहा है।
ब्रह्मणवाड़ा की यह घटना स्पष्ट संकेत देती है कि ग्रामीण स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा अब बड़ी प्राथमिकता बननी चाहिए।
मामले की अगली बड़ी अपडेट — TV20 भारतवर्ष पर सबसे पहले।






