सोशल मीडिया पर इस वक्त एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है —
जिसमें थाना धरमटेकड़ी में पदस्थ ASI जगदीश सिंह का एक अलग ही चेहरा सामने आया है।
घटना नरसिंहपुर रोड की बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक —
डायल 112 पर तैनात यह पुलिसकर्मी बालाघाट से रेत लेकर आ रही 12 चक्का गाड़ी को रोकता है।
फिर शुरू होती है धमकी, डराने और “रॉयल्टी दिखाओ” की भाषा!
लेकिन जब मौके पर गाड़ी मालिक पहुंचता है और आधार कार्ड, रॉयल्टी, सभी दस्तावेज़ ऑनलाइन दिखाता है,
तब भी ASI साहब का मूड शांत नहीं होता।
उल्टा वे गाड़ी मालिक को धमकाने लगते हैं — “कौन हो तुम? आधार दिखाओ! पेपर दिखाओ!”
और जैसे ही गाड़ी मालिक ने सच का वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू किया,
ASI ने उसका मोबाइल छीनने की कोशिश की!
मालिक ने दूसरा मोबाइल ऑन कर कैमरे में सच्चाई कैद करनी शुरू की —
और तभी साफ दिखा कि पुलिसकर्मी खुद अपने बयान से पलटने लगा।
कभी “रॉयल्टी दिखाओ” बोलता, कभी “परमिट चाहिए” कहता!

सबसे चौंकाने वाली बात —
जबकि पुलिस को खनिज रॉयल्टी जांचने का अधिकार ही नहीं है,
फिर भी यह अधिकारी खुद को कानून से ऊपर समझ बैठा।
और icing on the cake —
जिस विभाग में “नशा मुक्ति अभियान” चल रहा है,
उसी विभाग का यह कर्मचारी कैमरे में खुलेआम गुटखा खाता नज़र आया!
मतलब — कानून सिखाने वाला ही कानून तोड़ने में लगा है।
अब सवाल ये उठता है
➡ क्या यह “कानून का पालन” है या “कानून की धौंस”?
➡ क्या आम आदमी की आवाज़ उठाना अब गुनाह बन गया है?
➡ क्या ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई होगी जो पुलिस की गरिमा को दांव पर लगा रहे हैं?
TV20 भारतवर्ष की मांग —
👉 मामले की निष्पक्ष जांच हो
👉 वीडियो में दिख रहे ASI पर तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए
👉 और जनता के साथ गुंडागर्दी करने वाले पुलिसकर्मियों को बर्दाश्त न किया जाए!
देखिए ये रिपोर्ट, शेयर कीजिए सच्चाई — ताकि सिस्टम जागे!
“क्योंकि TV20 भारतवर्ष — सवाल पूछता है, जवाब मांगता है!”






