मृतक की पत्नी और आरोपी के कथित संबंधों की चर्चा, परिजनों ने अन्य धाराएं न लगाने पर उठाए सवाल……
चौरई क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के बाद मामला और गरमा गया है। पुलिस ने अपनी प्रारंभिक जांच में हत्या का कारण आपसी लेन-देन और वाहन किस्त विवाद बताया है तथा आरोपियों के खिलाफ हत्या से संबंधित धारा में मामला दर्ज किया है।

लेकिन दूसरी ओर मृतक के परिजनों और क्षेत्र के कुछ लोगों ने पुलिस की इस थ्योरी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
परिजनों का आरोप है कि हत्या के पीछे सिर्फ लेन-देन नहीं बल्कि पूर्व नियोजित साजिश का एंगल भी है।
परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार आरोपी अखलेश वर्मा और मृतक की पत्नी के बीच कथित प्रेम संबंधों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
उनका कहना है कि इसी कारण साजिश रचकर हत्या को अंजाम दिया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।

इस मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि —
👉 यदि हत्या साजिश के तहत की गई थी,
👉 तो क्या पुलिस को साजिश, धोखाधड़ी या अन्य गंभीर धाराओं पर भी विचार नहीं करना चाहिए था ?

जांच पर उठ रहे बड़े सवाल
👉 मृतक की मोटरसाइकिल अब तक बरामद क्यों नहीं की गई ?
👉 कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) को जांच का हिस्सा क्यों नहीं बनाया गया ?
👉 मृतक के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों की जांच या जब्ती क्यों नहीं की गई ?
👉 फरार आरोपियों पर सख्त कार्रवाई अब तक क्यों नहीं हुई ?

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस ने फिलहाल सिर्फ हत्या की धारा लगाकर कार्रवाई सीमित रखी है, जिससे कई शंकाएं पैदा हो रही हैं।
उधर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि
👉 जांच अभी जारी है
👉 सभी पहलुओं की जांच की जा रही है
👉 और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर धाराएं बढ़ाई भी जा सकती हैं।
इस बीच क्षेत्र में इस पूरे प्रकरण को लेकर राजनीतिक संरक्षण और प्रभाव की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
लोग अब मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।




