छिंदवाड़ा में मौत का जलजाल

बरगी डेम हादसे के बाद भी नहीं चेता प्रशासन, अब 24 घंटे में 4 किशोर डूबे रील, बर्थडे पार्टी और लापरवाही बनी मौत की वजह


छिन्दवाड़ा। मध्यप्रदेश में लगातार बढ़ रहे जल हादसे अब गंभीर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। बरगी डेम में हुए दर्दनाक हादसे की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि छिंदवाड़ा जिले में 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग घटनाओं में चार किशोर गहरे पानी में समा गए। हादसों में दो किशोरों की मौत हो चुकी है, जबकि दो अन्य की तलाश देर रात तक जारी रही। घटनाओं के बाद पूरे जिले में सनसनी और परिवारों में मातम पसरा हुआ है।

पहली घटना चौरई थाना क्षेत्र के बेलखेड़ा स्थित घोघरा वॉटरफॉल की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार दो किशोर वॉटरफॉल के पास मोबाइल से रील बना रहे थे। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से दोनों गहरे पानी में समा गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और स्थानीय गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद एक किशोर का शव बरामद कर लिया गया, जबकि दूसरे की तलाश लगातार जारी रही।

डूबने वाले किशोरों की पहचान 14 वर्षीय गौरव डेहरिया और 17 वर्षीय विनायक गुप्ता निवासी छिंदवाड़ा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों अपनी बहनों के साथ घूमने पहुंचे थे, लेकिन कुछ ही पलों में खुशियां मातम में बदल गईं।

वहीं दूसरी दर्दनाक घटना जुन्नारदेव थाना क्षेत्र की डूंगरिया चौकी अंतर्गत ओपनकास्ट खदान के पास बने गहरे तालाब में हुई। यहां 7 से 8 युवकों का समूह जन्मदिन पार्टी मनाने पहुंचा था। पार्टी के दौरान कुछ युवक तालाब में नहाने उतर गए, लेकिन गहराई का अंदाजा नहीं लग सका और दो किशोर पानी में डूब गए। देर रात तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में एक किशोर का शव बरामद किया गया, जबकि दूसरे की तलाश गुरुवार सुबह दोबारा शुरू की गई।

लगातार सामने आ रहे ऐसे हादसों ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के वॉटरफॉल, खदान तालाब और गहरे जलाशयों पर न सुरक्षा गार्ड हैं, न चेतावनी बोर्ड और न ही पर्याप्त निगरानी व्यवस्था। बरगी डेम हादसे के बाद भी प्रशासन की नींद नहीं खुली और अब एक के बाद एक हादसे युवाओं की जिंदगी निगलते जा रहे हैं।

सोशल मीडिया रील का बढ़ता क्रेज, युवाओं की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता अब जानलेवा साबित हो रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जिले के सभी खतरनाक जल क्षेत्रों में तत्काल सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।