दतिया उपचुनाव में भाजपा का बड़ा दांव: नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी पर भरोसा, सियासत गरमाई

भोपाल/दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए वरिष्ठ संगठनात्मक नेता आशुतोष तिवारी को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। पार्टी के इस फैसले ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, क्योंकि पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को टिकट का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था। टिकट घोषित होने के बाद उनके समर्थकों में नाराजगी की चर्चा भी तेज हो गई है।

संगठन पर भरोसा, विरासत को नहीं मिली प्राथमिकता

भाजपा ने इस बार संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे आशुतोष तिवारी पर भरोसा जताते हुए स्पष्ट संकेत दिए हैं कि पार्टी चुनाव में संगठनात्मक अनुभव को प्राथमिकता देना चाहती है। दतिया जिले के सेवढ़ा क्षेत्र के निवासी तिवारी वर्षों से भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं।

कौन हैं आशुतोष तिवारी?

आशुतोष तिवारी वर्तमान में मध्य प्रदेश भाजपा में प्रकोष्ठ प्रभारी की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इससे पहले वे भाजपा के संभागीय संगठन मंत्री रह चुके हैं। साथ ही मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी मिल चुका है।

वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने सेवढ़ा सीट से टिकट की दावेदारी की थी, लेकिन पार्टी ने वहां प्रदीप अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया था। इसके बावजूद संगठन में उनकी सक्रियता और नेतृत्व पर पार्टी का भरोसा लगातार बना रहा।

नरोत्तम मिश्रा का टिकट क्यों कटा?

पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा लगातार तीन बार दतिया से विधायक रह चुके हैं, लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस के राजेंद्र भारती से करीब 7,500 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। उपचुनाव की घोषणा के बाद मिश्रा लगातार क्षेत्र में सक्रिय थे और चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहे थे। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार उन्होंने नामांकन पत्र भी खरीद लिया था, लेकिन अंतिम समय में पार्टी ने आशुतोष तिवारी को मैदान में उतार दिया।

दतिया में उपचुनाव क्यों हो रहा है?

दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद खाली हुई। दिल्ली की एक अदालत ने वर्ष 1998 के धोखाधड़ी से जुड़े मामले में उन्हें तीन वर्ष की सजा सुनाई, जिसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई। इसी कारण निर्वाचन आयोग ने इस सीट पर उपचुनाव की घोषणा की है।

30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को आएंगे नतीजे

निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार मध्य प्रदेश की दतिया सीट के साथ बिहार और गुजरात की एक-एक विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा। सभी सीटों की मतगणना 3 अगस्त को की जाएगी।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि भाजपा का यह संगठनात्मक दांव दतिया में कितना सफल साबित होता है और क्या आशुतोष तिवारी पार्टी की उम्मीदों पर खरे उतर पाएंगे।