चौरई, छिंदवाड़ा
चौरई में किसानों का गुस्सा अब खुलकर सड़कों पर उतर आया है। रबी फसल की कटाई के बीच कर्ज वसूली की सख्ती, महंगाई की मार और बदहाल कृषि व्यवस्थाओं के खिलाफ ब्लॉक किसान कांग्रेस और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक चौधरी सुजीत सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस ने सरकार पर सीधा हमला बोला, वहीं जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पेंद्र चौधरी की मौजूदगी में आंदोलन की चेतावनी भी दे दी गई।
“किसान खेत में या बैंक की लाइन में?”—सरकार पर तीखा हमला
कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि जब किसान दिन-रात खेतों में फसल काट रहा है, तब सहकारी ऋण चुकाने की अंतिम तिथि 30 मार्च तय करना किसानों के साथ सीधा अन्याय है।
मांग उठी—तुरंत समय-सीमा बढ़ाई जाए, वरना हजारों किसान आर्थिक संकट में डूब जाएंगे।
खाद से लेकर बिजली तक—हर मोर्चे पर फेल सिस्टम
ज्ञापन में किसानों की जमीनी समस्याओं को लेकर सरकार को घेरा गया—
खाद की किल्लत और अव्यवस्था
गेहूं फसलों में लगातार आगजनी
नरवाई के नाम पर किसानों पर सख्ती
खरीदी के लिए बारदाना नहीं
बिजली दरों में बढ़ोतरी और भारी बिल
समर्थन मूल्य कम, डीज़ल महंगा
फसल बीमा में जटिलता, मुआवजा नहीं
मंडियों में बदहाल व्यवस्थाएं

कांग्रेस ने मांग की—बिजली बिल माफी, समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी, और आगजनी पर तत्काल मुआवजा दिया जाए।
महंगाई और गैस पर भी गरजी कांग्रेस
आम जनता की परेशानियों को उठाते हुए कहा गया कि गैस सिलेंडर की अनियमित सप्लाई और बढ़ती कीमतों ने रसोई तक संकट खड़ा कर दिया है।
👉 मांग—महंगाई पर लगाम और गैस की सुचारू आपूर्ति।
“अब नहीं रुकेगा आंदोलन”—नेताओं की दो टूक चेतावनी
विधायक चौधरी सुजीत सिंह ने कहा कि किसानों और आम जनता की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा।
वहीं जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र चौधरी ने साफ चेतावनी दी—
👉 “अगर सरकार नहीं चेती, तो चौरई से बड़ा जनआंदोलन भड़केगा।”
सड़कों पर दिखी ताकत—सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल
कार्यक्रम में कांग्रेस के दर्जनों नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इस प्रदर्शन ने साफ संकेत दे दिया—
“अब किसान चुप नहीं, संघर्ष के मूड में है!”
चौरई में उठी यह आवाज सिर्फ ज्ञापन नहीं, बल्कि आने वाले बड़े किसान आंदोलन की आहट है।
👉 अब सवाल सीधा है—सरकार झुकेगी या चौरई से आंदोलन की चिंगारी पूरे प्रदेश में आग बनेगी?
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