चौरई। यह तस्वीरें देखिए… यह किसी नदी का नज़ारा नहीं है, बल्कि इंदिरा कॉलोनी वार्ड नंबर 1 की सड़कों का हाल है। बरसात का पानी इतना भर चुका है कि घरों के सामने से लेकर मुख्य रास्तों तक सब कुछ डूब चुका है।
स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर मज़दूरी करने वालों तक – हर कोई पानी में तैरता हुआ निकलने को मजबूर है। मोटरसाइकिल हो या चारपहिया, हर गाड़ी लहरों से जूझ रही है।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल – प्रशासन कहाँ है?
न नाली साफ़ हुई,
न जल निकासी की व्यवस्था,
न कोई अधिकारी मौके पर।

आम लोग कीचड़ और गंदे पानी से जूझ रहे हैं, बीमारियों का ख़तरा सिर पर मंडरा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अपने AC दफ़्तरों से बाहर झाँकने की जहमत तक नहीं उठा रहे।
👉 यह हालात बताते हैं कि वार्डवासियों की समस्याओं से नेताओं और अधिकारियों को कोई मतलब नहीं। चुनाव आते ही वोट माँगने वालों की भीड़ जुटती है, लेकिन बारिश आते ही जनता को अपने हाल पर छोड़ दिया जाता है।
लोगों का साफ़ कहना है –
“इंदिरा कॉलोनी में रहने वाले क्या इंसान नहीं हैं? क्या हमारा हक़ सिर्फ वोट देने तक ही है?”
अब जनता का सब्र टूट रहा है। लोग कह रहे हैं कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।






